Saturday, October 30, 2010

हर जगाह है गाँधी का ठपा - श्याम त्यागी

देश को आज़ादी दिलाने वाले शहीदों को आजाद हुए ६३ साल से भी ज्यादा हो गए है .
न देश का कुछ ठिकाना है न उन शहीदों का .
देश हर 5 साल में पंचवार्सिया योजनाओ की तरह बदलता है बस फर्क इतना होता है की कभी योजनाये कांग्रेस बनती है तो कभी बीजेपी तो कभी कोई ओर पार्टी .
हमारे देश में अलग अलग पोलिटिकल पार्टिया राज कर रही है अमूमन 5 साल में पार्टिया बदल जाती है एक जाती है तो दूसरी आ जाती है हाँ इसबार 5 साल से ज्यादा सरकार चलाने का रिकॉर्ड भी बन चूका है जों की कांग्रेस के खाते में है .
"लेकिन
शहीदों की चिताओ पर फिर भी नही लगते मेले वतन पर मर मिटने वालो का अब यही निशा बाकि है ".
पार्टिया बदल जाती है .
योजनाये बदल जाती है .
पार्टी में रहने वाले लोग बदल जाते है
लेकिन अगर कोई नही बदलता तो वो है पार्टी की सोच जैसी 1947 में थी वैसी ही आज भी है .

यहा बात सिर्फ 2 पार्टियों की करने जा रहा हु एक जों देश में राज कर रही है कांग्रेस दूसरी जों उत्तर प्रदेश में राज कर रही है बसपा.

कांग्रेस के राज में देश दिन प्रति दिन तरकि करता जा रहा है नए आयाम रच रहा है ऐसा कांग्रेस वाले ओर देश के लोग भी मानते है ।
बसपा के राज में प्रदेश में से गुंडा राज खत्म हो रहा है दलितों को उनका हक मिल रहा है ऐसा मायावती कहती है .

लेकिन बात शहीदों से शुरू की थी तो दोबारा व्ही आ रहा हु देश को आज़ाद करने में जों भूमिका उधम सिंह , भगत सिंह , राजगुरु , चन्द्र शेखर आज़ाद , सुखदेव ओर अनेक क्रांतिकारियों ने निभाई थी वो किसी ओर ने नही निभाई .
मुझे भी ये गिनती के ही शहीदों के नाम याद है क्योकि यही वो चंद शहीद है जिनके लिए कांग्रेस सरकार राजीव गाँधी , इंदिरा गाँधी , महात्मा गाँधी , ओर मायावती सरकार अम्बेडकर , काशीराम को भूलकर थोडा सा टाइम निकल लेती है ।
लेकिन उन बाकि शहीदों का क्या जिनका बलिदान कोई नही जनता ये सरकारे सोचती है की जब उन्हें कोई जनता ही नही है तो उनके लिए करे क्या ।

जब भी कांग्रेस सरकार देश में कुछ काम करती है जैसे की पुल बनवाना सड़क बनवाना गरीब लोगो के लिए घर बनवाना या फिर एअरपोर्ट बनवाना या फिर स्कूल कोलिगिस बनवाना तो उसपर क्यू महात्मा गाँधी राजीव गाँधी या इंदिरा गाँधी नाम का ठप लगा देती है क्या कांग्रेस को देश में गाँधी परिवार या फिर इन तीनो के अलावा ओर कोई जिसने देश के लिए बलिदान दिया है वो दिखाई नही देता ।

बिलकुल यही परिस्तिथि बसपा सरकार या फिर यु कहे की मायावती के साथ भी है .
मायावती को देश में आंबेडकर ओर काशीराम के अलावा ओर कोई नही दिखाई देता है .
बसपा सरकार ने प्रदेश में जब भी कोई पार्क ..सामुदायिक केंद्र या गरीबो के लिए आवास बनाये है तो उनपे आंबेडकर ओर काशीराम का ही ठप लगाया है .

सोनिया गाँधी राहुल गाँधी ओर मायावती के जन्मदिन पर लाखो रूपये फुके जाते है नोटों की मालाये पहनाई जाती है लेकिन ज्यादातर शहीदों को फूलो की मालाये भी नसीब नही होती क्योकि उनका जन्मदिन तो दूर की बात है शहीद दिवस भी किसी को याद नही रहता ।
ओर कहते फिरते है ''शहीदों की चिताओ पर लगेंगे हर बरस मेले ''
हमारे देश में सिर्फ एक ही मेला लगता है जों सबको याद भी रहता है ओर जिसमे सब जाते भी है 'दशेरा मेला ' जिसके रावन को भी देशवासी ओर कांग्रेस वाले ठीक से नही मार पाए है क्योकि अपने आप को मारने में बहुत दर्द होता है ।

अभी सिर्फ ६३ साल हुए है ओर देशवासी ज्यादातर शहीदों के नाम भूल चुके है उन्हें याद है तो सिर्फ राजीव गाँधी , इंदिरा गाँधी ,महात्मा गाँधी .
मेरा पूरा विश्वास है की ये गाँधी प्रथा चलती रहेगी क्योकि अभी तो न जाने कितने गाँधी आने बाकि है जैसे जैसे नए नए गाँधी आते जायेंगे वैसे वैसे शहीदों की गिनती कम होती चली जाएगी ओर शायद एक दिन ऐसा भी आ जाये जब शहीद नाम का सब्द ही लोगो के दिमाग से मिटा दिया जाये ओर आपका बेटा आपसे पूछे की पापा शहीद कोन होते थे ये कहाँ रहते थे .